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Pink Calendar 2025

Pink Calendar एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसने दुनिया को नए साल का सच्चा अर्थ समझाया। यह प्यारी सी कहानी हमारे जीवन में गहरा प्रभाव डालती है।  

क्या आप जानना चाहेंगे कि वो लड़की कौन है जिसने दुनिया को नए साल का महत्व समझाया और नव वर्ष की सौगात दी?  

परिचय:
पूर्वी एक साहसी, विद्वान, समझदार और खूबसूरत लड़की है। मध्यम वर्गीय परिवार में पली-बढ़ी पूर्वी संस्कारवान है और घर के कामों में भी दक्ष है। हर परिस्थिति का सामना करने वाली पूर्वी कठिन समय में भी कभी हार नहीं मानती। घर हो या बाहर, सबका सम्मान करने वाली पूर्वी बड़ी मिलनसार और हसमुख है।  

पूर्वी को बचपन से ही डांस का बहुत शौक था। जब बाकी लोग टीवी पर पिक्चर देखते थे, तब पूर्वी सोनल मानसिंह और बिरजू महाराज का कथक नृत्य देखा करती थी। उसका सपना एक प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना बनने का था।  

हालातों से लड़कर पूर्वी ने कथक नृत्य में एम.ए कर लिया। अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद, उसे उसकी योग्यता के अनुरूप काम नहीं मिल पाया। पूर्वी को एक प्राइवेट स्कूल में कथक टीचर की नौकरी मिली और वह घर पर भी कथक सिखाने लगी। उसका खर्च तो निकल जाता था, लेकिन घर की ज़िम्मेदारी भी उसी पर थी। उसके पिता प्राइवेट कंपनी में पियून थे और छोटी बहन की पढ़ाई, घर का किराया जैसी ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल था।  

पूर्वी का सपना:
पूर्वी का सपना एक प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना बनने का था। घुंघरू उसके मित्र थे और तबले की थाप उसकी धड़कन। जिस तरह मोर सावन में अपने पंख फैलाकर नृत्य करता है, उसी तरह पूर्वी भी जीवन के रंगमंच पर नृत्य करना चाहती थी। उसका सपना था वर्ल्ड कथक नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेना और उसे जीतना।  

पूर्वी का Pink Calendar: 
पूर्वी अपने सारे सपने, इच्छाएं और योजनाएं अपने पिंक कैलेंडर में लिखती थी। यह उसकी आदत बन चुकी थी। जीवन में जो चाहत थी, उसे पूरा करने के लिए वह अपने मन की बातें इस कैलेंडर में लिखती और मेहनत से उन पर काम करती। यह कैलेंडर उसे कभी निराश नहीं होने देता था और हमेशा उसका हौसला बढ़ाता था।  

नए साल का इंतजार: 
पूर्वी हर साल नए साल का इंतजार करती थी, यह सोचकर कि इस बार वह पैसे जमा कर लेगी और प्रतियोगिता में भाग लेगी। स्कूल के दिनों से ही यह सिलसिला चल रहा था। आज पूर्वी 30 साल की है, लेकिन उसका इंतजार खत्म नहीं हुआ। लाख कोशिशों के बावजूद वह प्रतियोगिता के लिए पैसे नहीं जुटा पाई थी।  

फिर भी, पूर्वी ने अपना धैर्य नहीं खोया और प्रयास जारी रखा। हर नए साल से पहले वह सोचती कि इस बार सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता था।  

नए साल का अर्थ: 
पूर्वी अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और आस-पास के लोगों से कहती थी - "अपने दर्द, तकलीफ और तनाव को पुराने साल में ही छोड़ दो और नए साल का स्वागत खुशियों के साथ करो। कभी हार मत मानो और हौसलों की उड़ान भरो। नया साल सिर्फ पार्टी करने के लिए नहीं होता, यह अपने सपनों को पूरा करने के लिए होता है।"  

पूर्वी की नई राह:  
पूर्वी ने स्कूल के एनुअल डे फंक्शन में बच्चों को ऐसा डांस सिखाया कि सब मंत्रमुग्ध हो गए। कथक नृत्य का प्रदर्शन इतना शानदार था कि मुख्य अतिथि आदित्य राव ने प्रिंसिपल से पूछा कि उन्हें यह नृत्य किसने सिखाया है। अगले दिन आदित्य राव स्कूल पहुंचे और पूर्वी को बच्चों के साथ डांस करते देखा। आदित्य राव ने पूर्वी से कहा, "तुम्हारे नृत्य में भावनाएं, सपने और संघर्ष साफ दिखते हैं। तुम वर्ल्ड कथक प्रतियोगिता में भाग क्यों नहीं लेतीं?"  

पूर्वी ने नज़रें झुका कर कहा, "सर, प्रतियोगिता की फीस बहुत ज्यादा है। हर साल मैं पैसे जमा करने की कोशिश करती हूं, लेकिन सारे पैसे घर के कामों में खर्च हो जाते हैं।"  

आदित्य राव ने कहा, "मैं तुम्हारी फीस भर सकता हूं।" लेकिन पूर्वी ने विनम्रता से मना कर दिया और कहा, "मैं अपनी फीस खुद भरूंगी।"  

आदित्य राव ने पूर्वी को शिमला में एक डांस शो करने का प्रस्ताव दिया। पूर्वी ने शो किया और इससे उसे पैसे मिले, जिससे उसने प्रतियोगिता की फीस जमा कर दी।  

सपनों की उड़ान: 
प्रतियोगिता में तीन महीने बचे थे, लेकिन पूर्वी के घुटने में सूजन आ गई। दो महीने तक वह प्रैक्टिस नहीं कर पाई। आखिरी महीने में भी बहुत कम तैयारी हो पाई। प्रतियोगिता के दिन पूर्वी ने अपने दर्द को नजरअंदाज कर मंच पर कदम रखा और ऐसा नृत्य प्रस्तुत किया कि सभी भाव-विभोर हो गए। उसका प्रदर्शन उसकी जीवन यात्रा का आईना था। तालियों की गूंज में पूर्वी ने वर्ल्ड कथक प्रतियोगिता जीत ली।  

पूर्वी ने पुरस्कार लेते हुए कहा, "मेरी सफलता का श्रेय मेरे Pink Calendar को जाता है, जिसने मुझे कभी टूटने नहीं दिया।"  

जब पूर्वी बाहर निकली तो देखा कि गुलाबों की राहों पर कोई उसका इंतजार कर रहा था। वह कोई और नहीं बल्कि आदित्य राव थे, जिन्होंने पूर्वी को शादी के लिए प्रपोज किया। खुशी से झूमती पूर्वी ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।  

कहानी का सार:  
Pink Calendar हमें सिखाती है कि पुराने साल की तकलीफों और परेशानियों को पीछे छोड़कर नए साल का स्वागत नए सपनों के साथ करें। प्रयास और धैर्य से पूर्वी का सपना सच हुआ। आप भी अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखें और नया साल खुशियों के साथ मनाएं।