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पहली नजर का प्यार
पहली नजर का प्यार वो मीठी मुस्कान बिना कुछ कहे ही एक दूजे का हो जाना आंखों आंखो में ही इजहारे
पहली नजर का प्यार वो मीठी मुस्कान बिना कुछ कहे ही एक दूजे का हो जाना आंखों आंखो में ही इजहारे मोहब्बत करना इस आधुनिक समाज में न जाने कहां खो गया है ।
आज की दुनिया का प्यार" बैंक बैलेंस" हो गया है। पहली नजर का प्यार एक ऐसी कहानी है जिसमें प्रेम की सच्ची परिभाषा और निस्वार्थ प्रेमको दर्शाया गया है। बैंक बैलेंस और आकर्षण में लोग अपनी भावनाओं को महत्व नहीं देते और एक झूठे रिश्ते के कारण अपनी पूरी जिंदगी बर्बाद कर लेते हैं।
इस प्यारी सी कहानी की नायिका "अंजलि" जो खुद से और प्रकृति से प्यार करने वाली और चंचल हिरनी की तरह हमेशा चहकने , महकने और खुश रहने वाली लड़की है। अंजलि को देखकर ऐसा लगता है कि भगवान ने प्रकृति की सारी सुंदरता उसे ही दी है। और अंजलि भी इरादों की पक्की और सच्ची लड़की है उसे दूसरों की मदद करना गाने सुनना बहुत पसंद है वह 25 साल की है लेकिन गली के बच्चों के साथ क्रिकेट और बैडमिंटन खेलती है मोहल्ले में सब उसे पसंद करते हैं। अंजलि के पापा के लिए तो वो बेटी नहीं बेटा है क्योंकि वह से बहुत प्यार करते हैं।
अंजली की शिक्षा: अंजलि ने MBA किया है और कई प्रयासों के बाद अंजलि को बैंक में फाइनेंस मैनेजर की नौकरी मिल गई। अंजलि के जीवन में सब कुछ अच्छा है अच्छे माता पिता घर परिवार नौकरी रिश्तेदार एक खुशहाल वातावरण।
अंजलि के सपने: हर लड़की के अपने सपने अपनी खुशियां अपने अरमान होते हैं उसी तरह अंजलि के भी अपने जीवन साथी और प्यार को लेकर कई सपने हैं । अंजलि प्यार पर भरोसा करती है वो त्याग समर्पण और सच्चे प्रेम की परिभाषा को अच्छे से समझती । इस बात पर सब उसका मजाक उड़ाते उसकी सहेलियां उस पर हंसती है कि कोई किसी से ऐसा प्यार नहीं करता है। अंजलि को प्रकृति से जितना प्यार है उसी तरह उसे अपने सपनों से भी प्यार है।
अंजलि के जीवन का खूबसूरत पड़ाव: अंजलि "नैनीताल" में रहती है नैनीताल अपनी खूबसूरती और अपने भौगोलिक वातावरण के कारण प्रसिद्ध है। नैनीताल की सुंदरता का वर्णन करना भी कठिन है।
नैनीताल की सुबह की तो क्या बात है । अब अंजलि रोज की तरह ऑफिस जाने के लिए नहा कर छत पर आती है और अपने गीले बालों को झाड़ने लगती है सामने सड़क पर चाय की दुकान पर हलचल है सुबह के 9:00 बजे है कुछ लोग चाय पी रहे कुछ लोग धूप सेकते हुए पेपर पढ़ रहे हैं। और अंजलि जोर से अपने बालों को झटकती है तो उसके गीले बालों का सारा पानी नीचे खड़े एक सुंदर युवक पे गिर पड़ता है और वो ऊपर की तरफ देखने लगता है अंजलि भी उसकी तरफ देखने लगती है। मानो जैसा जादू सा हो गया हो दोनों एक दूसरे को ऐसे निहार रहे थे जैसे एक दूसरे को बरसो से जानते हो और बसंत ऋतु की ठंडी हवाएं गुलाबी मौसम दोनों को और भी अधिक मोहित कर रही थी दोनों की नजरें एक दूसरे से हटने का नाम नहीं ले रही थी मानो जैसे प्रकृति ने प्यार का सुंदर खेल रच दिया हो ।
बिना कुछ कहे ही बिना कुछ जाने बिना कुछ सुने आंखों आंखो में इजहारे मोहब्बत हो गया। अब अंजलि शर्माकर पीछे की तरफ मुड़ जाती है और फिर तिरछी नजरों से उस सुंदर युवक को देखने लगती है। वो युवक भी चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए वहां से चला जाता है फिर भी अंजलि की नजरें उसे ढूंढने लगती है। अब जानते हैं वो युवक कौन था कहां से आया था और अंजलि के घर के नीचे क्या कर रहा था।
परिचय: उस सुंदर नौजवान का नाम आकाश है जो शिमला से नैनीताल अपने टूरिज्म बिजनेस के लिए आया है। उसके जीवन का लक्ष्य सफलता है वो अपने छोटे से टूरिज्म बिजनेस को पूरे विश्व में फैलाना चाहता है।
आकाश एक पढ़ा-लिखा समझदार और एक अच्छे विचारों वाला लड़का है जिसमें कोई बुरी आदत नहीं है। लेकिन प्यार और दोस्ती से उसका कोई वास्ता नहीं है उसके जीवन में कोई लड़की नहीं है वो प्यार के बारे में सोचता तक नहीं है उसे सिर्फ हर वक्त अपने काम की चिंता रहती है वो बहुत ही महत्वाकांक्षी और साहसी है। गहरे प्रेम की शुरुआत: इत्तेफाक से आकाश ,अंजलि के ही घर के सामने एक किराए के मकान में रहने आया ।
जैसे ही शाम होती है अंजलि बैंक से घर लौटकर अपनी स्कूटी स्टैंड कर रही होती है और अपना बैग उठाकर घर के अंदर जाने लगती है।
इतने में ही अंजलि का दुपट्टा उसकी स्कूटी में फस जाता है और जब अंजलि मुड़कर कर देखती है तो वही सुंदर नौजवान उसका फसा हुआ दुपट्टा निकाल रहा होता है दोनों चेहरे पर मीठी मुस्कान लिए एक दूसरे को फिर से निहारने लगते है। और दुपट्टे के निकलते ही दोनों एक दूसरे को देखते-देखते अपने अपने घर के अंदर जाने लगते हैं।
आकाश तो पूरी तरह से अंजलि के प्यार में खो गया उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके साथ क्या हो रहा है कि मैंने पहली बार उस लड़की को देखा और बार-बार देखने का मन करता है मेरी धड़कन तेज चल रही है यह सब क्या हो रहा है यह कैसी हलचल है मेरे दिल और दिमाग में क्योंकि आकाश को तो प्यार के बारे में कुछ नहीं पता था इसलिए वो समझ नहीं पा रहा था ।
दूसरी तरफ अंजलि भी आकाश के खयालों में खोई हुई है उसका किसी काम में मन नहीं लग रहा आकाश की प्यार भरी नजरों ने अंजलि की आत्मा को छू लिया था, पहली नजर का प्यार इसे ही कहते हैं ।
अब अंजलि छत पर आती है एक तरफ डूबते सूरज की लालिमा और सामने की छत पर खड़ा हुआ आकाश ये सुनहरी शाम और दोनों की नजरें मिलकर प्यार की नई दास्तान लिख रही थी।
इतने में ही नीचे से बच्चों की आवाज आती है अंजलि दीदी हमारे साथ क्रिकेट नहीं खेलोगी अंजलि चौंक कर कहती है आ रही हुं और बच्चों के साथ नीचे गली में क्रिकेट खेलने लगती है और आकाश छत पर से यह सब देखकर मुस्कुरा रहा था अब अंजलि ने तो एक ऐसा सिक्सर मारा कि बॉल सीधे आकाश के सर पर लगी फिर भी उसने मुस्कुराते हुए बॉल नीचे की तरफ फेंक दिया।
अंजलि भी शर्माकर बैट को वहीं पटककर अंदर अपने कमरे की बालकनी से आकाश को देखती है। अब तो ये सिलसिला लगातार चलता रहता दोनों चोरी चोरी एक दूसरे को ताकते रहते एक दूसरे का छत पर इंतजार करते
इस प्यार भरे नजरों के खेल में एक महीना कैसे बीत गया पता ही नहीं चला ।
अंजलि और आकाश का मिलना: रविवार की शाम को अंजलि अपनी सहेलियों के साथ नैनीताल की वादियों में घूम रही थी तो वो आकाश से टकरा जाती है क्योंकि आकाश भी पर्यटकों और टूरिस्ट गाइड के साथ नैनीताल घूम रहा था।
और अंजलि की सहेलियां हंसी ठीठोली करती हुई आगे निकल जाती है कुछ देर तक तो अंजलि और आकाश चुप रहे फिर आकाश ने बड़ी सच्चाई के साथ कहा मेरा नाम आकाश है मैं टूरिज्म के बिजनेस के लिए शिमला से यहां नैनीताल आया हूं ये सारे गाइड मेरी कंपनी के है। फिर अंजलि भी मध्यम स्वर में कहती है मेरा नाम अंजलि है और मैं बैंक में फाइनेंस मैनेजर हूं और दोनों साथ साथ चलने लगते हैं।
इनकी खामोशियों में भी इनकी धड़कने इनकी नजरें एक दूसरे से बातें कर रही थी । इसे ही कहते हैं खामोशियों की जुबा।
प्यार की बरसात: फिर डूबते सूरज के शाम के साथ दोनों एक दूसरे को देखते हुए प्यार की बरसात में भीग रहे थे ।
अब इसी बीच आकाश अंजलि से कहता मैं नहीं जानता प्यार क्या होता है मैंने तो हमेशा से ही सिर्फ अपने काम के बारे में ही सोचा है लेकिन जब से तुम्हें देखा है मुझे पता नहीं क्या हो गया है मेरी नजरें हर वक्त तुम ही को ढूंढती है जब तुम मेरे सामने आती हो मेरी धड़कने तेज हो जाती है बस ऐसा लगता है हर पल तुम्हें देखता रहूं निहारता रहूं।
अंजलि का मन तो मानो मोर की तरह नाच रहा था अंजली दिन रात जिस प्यार के सपने देखती थी आज वो उसके सामने हैं आकाश के प्यार की सच्चाई और आकाश का सुंदर व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि अंजलि उसकी मीठी मुस्कान और बातों में खो गई। आकाश भी अंजली की सादगी और सरलता का दीवाना हो गया।
प्यार के वादे: अब अंजलि और आकाश का प्यार शुरु हो गया दोनों ने वादा किया कि वे किसी भी परिस्थिति में एक दूसरे का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे अपने प्यार का साथ निभाएंगे हमारा रिश्ता एक मजबूत और आदर्श रिश्ता होगा ।
दोनों रोज मिलते जुलते और प्यार भरी बातों के साथ जीवन के कई ऐसे पहलू पर बातें करते और एक दूसरे की बातें सुनते समझते ऐसे ही 6 महीने निकल गए।
आकाश की महत्वाकांक्षाएं: आकाश की बिजनेस को लेकर कई आकांक्षाएं थी और वो अक्सर अपने काम की बातें अंजलि को बताता रहता अंजलि भी आकाश को प्रोत्साहित करती और कहती जो तुमने सोचा है वो जरूर होगा।
आकाश का बिजनेस डूबना: अब शिमला नैनीताल सभी पहाड़ों वाली जगह पर भयानक तूफान आता है बहुत तेज वर्षा होती है जो लगातार 1 महीने तक चलती है तूफान इतना भयंकर होता है कि जिससे किसी भी पर्यटक को पहाड़ों वाली जगह पर आना मना हो जाता है और सारे टूरिस्ट गाइड भी अपने गांव लौट जाते हैं आकाश को बिजनेस स्टार्ट किए कुछ दो साल ही हुए थे आकाश का टूरिज्म का बिजनेस बंद हो जाता है।
तूफान और बारिश तो रुक जाते है पर आकाश के जीवन में भारी तूफान आ जाता है बैंक का लोन और बहुत सारी बिजनेस की चीजें पूरी करते आकाश के पास कुछ नहीं बचता वो पूरी तरह से कंगाल हो जाता है ।
लेकिन फिर भी वो हार नहीं मानता और इस परिस्थिति से बाहर निकलने की कोशिश करता है लेकिन कामयाब नहीं हो पाता।
अंजली का गहरा प्यार: क्योंकि अंजलि आकाश से निस्वार्थ प्रेम करती थी इसलिए ऐसी भयानक परिस्थिति में भी अंजलि आकाश का साथ देती हैं उसका हौंसला बढ़ाती है ।
लेकिन आकाश अंजलि से कहता है अंजलि मेरे पास कुछ नहीं बचा तुम एक अच्छी और गुणी लड़की हो मैं नहीं चाहता मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो तो मुझे छोड़कर चली जाओ लेकिन अंजलि कहती है हम तो सुख-दुख के साथी है हमने जीवन पर साथ निभाने का वादा किया है और मैं तुमसे दिल की गहराइयों से प्यार करती हूं मैं तुम्हें अकेला छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी मैं हर परिस्थिति में तुम्हारा साथ निभाऊंगी ।
और आकाश के लिए अपनी सारी जमा पूंजी लेकर आती है लेकिन आकाश उससे पैसे लेने से मना कर देता है और कहता है कि मुझे इस जीवन संघर्ष से बाहर निकलना है मगर मैं तुम्हारे पैसे नहीं ले सकता आकाश बहुत खुद्दार और मेहनती लड़का है यह बात अंजलि अच्छे से समझती थी इसलिए दोबारा कुछ नहीं कहती है और चुपचाप वहां से चली जाती है।
लाख कोशिशों के बावजूद भी आकाश के जीवन में कुछ भी ठीक नहीं हो रहा था और आकाश अंजलि को बिना बताए अपने घर शिमला लौट आता है। लेकिन अंजलि के बिना आकाश को चैन कहां था वो अंजलि के प्यार में बहुत तड़पता है , रोता है उसे अंजलि की बहुत याद आती है।
दूसरी तरफ अंजलि भी आकाश के बिना अपने आप को अकेला महसूस करने लगती है जैसे उसके शरीर में जान ही ना हो। थोड़े दिनों के बाद आकाश का फोन आता है और वो अंजलि से माफी मांगता है कि मुझे बिना बताए नहीं आना चाहिए था मगर मैं क्या करता अगर तुमसे मिलता तो मैं वापस नहीं आ पाता मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से तुम्हें कोई तकलीफ हो, यह सब सुनकर अंजलि जोर-जोर से रोने लगी आकाश का दिल भी जो जोर से धड़कने लगा दोनों एक दूसरे के प्यार और साथ के लिए तड़पते रहे।
नया मोड़: दोस्तों अब यहां से कहानी का नया मोड़ शुरू होता है। आकाश का शिमला वाला घर भी बिक जाता है उसकी एक मां थी वो भी गुजर जाती है और आकाश इस दुनिया में पूरी तरह से अकेला हो जाता है। और एक
आलीशान मकान से एक टूटी फूटी झोपड़ी में रहने लगता है और छोटा मोटा काम करके अपना गुजर बसर करता हैं ।
लेकिन इतने बड़े नुकसान का बोझ उसका दिल और दिमाग नहीं सह पा रहा था इसलिए उसकी मानसिक स्थिति खराब हो जाती है और वो गुमसुम बेसुध सा रहने लगा इतनी उदासी और तकलीफ में भी उसे कुछ याद था तो सिर्फ अंजलि और अंजलि का प्यार उसकी धड़कनें उसकी नजरें सिर्फ अंजलि को पुकार रही थी।
प्यार की परीक्षा: दोस्तों आपने ऐसा प्यार ना देखा होगा और ना सुना होगा अब नैनीताल में अंजलि के लिए अमेरिका से एक बहुत ही बड़े सीनियर बैंक मैनेजर का रिश्ता आता है जिसकी कमाई लाखों में थी और जो हर तरह से संपन्न था। लेकिन अंजलि सबके सामने उससे शादी करने से इंकार कर देती है और अपने माता-पिता से कहती है मैं सिर्फ आकाश से प्यार करती हूं और उसी के साथ शादी करूंगी उसके पिता अंजलि से बहुत प्यार करते हैं लेकिन फिर भी वे कठोरता के साथ बोलते हैं उसके पास कुछ नहीं रहा वो पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है वो तुम्हारे लिए कुछ नहीं कर सकता तुम उसे भूल जाओ और अपनी नई जिंदगी शुरु करो।
अंजलि जोर से चिल्ला कर कहती है आकाश से मैंने सच्चा प्यार किया है वो अमीर है या गरीब है उसके पास घर है या नहीं है या कितना बैंक बैलेंस है मैं ये सब कुछ नहीं जानती मैं तो सिर्फ और सिर्फ आकाश को जानती हूं उससे प्यार करती हूं। जब मैंने उससे प्यार किया था तो मैंने उसका बैंक बैलेंस नहीं देखा था। अंजलि के माता पिता उसे बहुत समझाते हैं मगर अंजलि उनकी एक भी नहीं सुनती है। और बैंक की नौकरी को छोड़कर वो आकाश के पास शिमला आ जाती है और आकाश की ऐसी हालत देख कर अंजलि को जोरदार झटका लगता है लेकिन वह बिना जाताए सामान्य रहने की कोशिश करती है जिससे आकाश को दुख ना हो।
अंजलि का प्यार और जीवन संघर्ष: अंजलि को अपने सामने देखकर आकाश की आंखों से लगातार आंसू बहने लगते हैं लेकिन अंजली से वो कुछ भी नहीं कहता उदास गुमसुम बैठा रहता है।
लेकिन अंजलि आकाश से गले लगकर कहती हैं मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया है इतनी आसानी से तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ूंगी मैं तुमसे शादी करने नैनीताल से शिमला आई हूं चलो शादी करते हैं आकाश फिर भी उसे कोई जवाब नहीं देता। लंबी खामोशी के बाद एक कोने में खड़ा होकर आकाश अंजलि से बोलता है मैं तुम्हारे लायक नहीं हूं तुम अपने घर लौट जाओ मैं तुम्हें कुछ नहीं दे सकता।
जवाब में अंजलि कहती है आकाश तुमने तो मुझे प्यार की अनमोल दौलत दी है तुम्हारा प्यार मेरी जिंदगी है तुम मेरे लिए सब कुछ हो मेरा आज कल भविष्य सब कुछ तुम ही हो मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी।
आकाश फिर से चुप हो जाता है फिर गुमसुम उदास एक कोने में बैठ जाता है।
अंजलि सब कुछ समझ जाती है आकाश को गहरी मानसिक तकलीफ है आकाश को मुझे इस तकलीफ इस पीढ़ा से बाहर निकालना ही होगा।
यहां से अंजलि और आकाश के प्यार की परीक्षा शुरु होती है अंजलि जैसे तैसे आकाश को मना कर मंदिर में उससे शादी कर लेती है। और उसके साथ रहने लगती है और अपने प्यार और अपनेपन से आकाश को ठीक करने की पूरी कोशिश करती है। और अंजलि भी पास के ही बैंक में नौकरी करने लगती है।
ऐसे ही 1 साल बीत जाता है और आकाश की मानसिक स्थिति में भी सुधार होने लगता है और आकाश भी छोटी मोटी नौकरी करने लगता है। अंजलि लगातार प्रयास करती है कि आकाश ठीक हो जाए पहले की तरह हो जाए वो उसमें आत्म विश्वास जगाती है उसका हौसला बढ़ाती है उसकी ताकत बनती है उसकी आवाज बनती है उसका विश्वास बनती है। और एक दिन ऐसा आता है कि आकाश पूरी तरह से ठीक हो जाता है। और अंजलि से गले लगकर जोर-जोर से रोने लगता है और पूछता है कि तुमने मुझ जैसे आदमी में क्या देख लिया मेरे लिए इतना त्याग और बलिदान दिया अपनी नौकरी अपने माता-पिता को छोड़कर आ गई और मेरे साथ गरीबी में टूटे फूटे मकान में जीवन जी रही हो। तब अंजलि मुस्कुराकर कहती है आकाश यही तो हमारा सच्चा प्यार है जो मुसीबत और तूफान में भी हमें अलग नहीं कर पाया हम एक दूसरे के लिए ही बने है।
आकाश दुनिया की सारी दौलत मिलकर भी तुम्हारे प्यार और साथ का मुकाबला नहीं कर सकती तुम्हारी अच्छाई और सच्चाई के सामने सब फीके हैं।
सच्चे प्यार की विजय: इसे कहते सच्चे प्यार की जीत अब धीरे-धीरे अंजलि और आकाश के जीवन में सब कुछ ठीक होने लगता है एक दिन अचानक आकाश की मुलाकात एक टूरिज्म कंपनी के मालिक से होती है जो कभी आकाश का एक अच्छा मित्र हुआ करता था राजेश और वो भी आकाश की ही तलाश कर रहा था आकाश यार तुम्हारे साथ इतना बड़ा हादसा हो गया और तुमने मुझे बताया तक नहीं तुम एक सच्चे और ईमानदार इंसान हो यह बात मैं अच्छी तरह से जानता हूं इसलिए अपनी टूरिज्म कंपनी में तुम्हें पार्टनर बनाना चाहता हूं क्योंकि मैं अमेरिका जा रहा हूं इसलिए यहां का सारा काम तुम संभालो और हां हैड ऑफिस हमारा नैनीताल में ही है।
और अपने जेब से 10 लाख का चैक निकाल कर आकाश को दे देता है। और आकाश घर आकर वो चैक अंजलि के हाथ में रख कर रोते हुए कहता है ये सब तुम्हारी तपस्या का फल है तुम सूरज की किरण की तरह मेरे जीवन में आई और मेरे जीवन से सारा अंधेरा दूर हो गया।
अब आकाश और अंजलि नैनीताल वापस आ जाते हैं और वहां एक आलीशान घर खरीदते हैं और अंजली के माता पिता भी उन्हें माफ़ कर देते हैं। और जो लोग अंजलि के ऊपर हंसते थे उसका मजाक उड़ाते थे कि एक गरीब और नाकारा नाकामयाब आदमी से शादी करके इसे क्या मिलेगा। वो भी आज सलाम कर रहे हैं मुस्कुराकर दोनों का स्वागत कर रहे हैं।
कहानी का सार: दोस्तों पहली नजर का प्यार कहानी सारी दुनिया के लिए प्रेरणा है आदर्श है जो आज की आधुनिकता और नए जमाने को प्यार का सही अर्थ समझाती है।
आज के युवा सिर्फ बैंक बैलेंस पैसा रुतबा बड़ी कार देखकर ही प्यार करते हैं वो एक दूसरे की सच्चाई गुण और व्यक्तित्व को नहीं देखते आकर्षण को ही सच्चा प्यार समझते हैं और भ्रम में जीते हैं जिससे उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है और जब उन्हें सत्य का पता चलता है तो बहुत देर हो चुकी होती है।
इसलिए सच्चे प्यार को बैंक बैलेंस नहीं तोलना चाहिए।
संदेश: आकाश और अंजलि का प्यार दुनिया के लिए एक मिसाल है क्योंकि जब दोनों ने एक दूसरे से प्यार किया तो दोनों एक दूसरे के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे।
पहली नजर का प्यार कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है कि प्यार केवल फूल देना मिलना-जुलना गिफ्ट देना सेलिब्रेट करने का नाम नहीं है।
सच्चा प्यार तो हर सुख दुख में हर परिस्थिति में एक दूसरे का साथ निभाना है।
जैसा प्यार आकाश और अंजलि ने किया सब कुछ खो कर भी दोनों ने एक दूसरे को पाया आकाश ने अंजलि की सरलता और सादगी से प्यार किया और अंजलि ने आकाश की सच्चाई और इमानदारी से प्यार किया।
सवाल: क्या आप एक हारे हुए टूटे हुए इंसान का साथ देंगे यदि आपके पार्टनर के साथ कुछ हादसा का हो जाए और वो पूरी तरह से बिखर जाए तो क्या आप उसका साथ निभाएंगे उसे उतना ही प्यार करेंगे जैसा कि अंजलि ने किया।
आप किसे चुनेंगे, बैंक बैलेंस या सच्चा प्यार।
कमेंट में जरूर बताएं।