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आधुनिकता की दौड़
आधुनिकता (Modernness) का सही अर्थ क्या है? क्या महंगा iPhone रखना, रौब से रहना, या फैशनेबल कपड़े पहनना ही
क्या महंगा iPhone रखना, रौब से रहना, या फैशनेबल कपड़े पहनना ही आधुनिकता है?
आज के दौर में खुद को मॉडर्न और स्मार्ट दिखाने की होड़ में कई (Teen Girls) बड़ी गलतियां कर बैठती हैं। वे दूसरों की नकल करने लगती हैं—
इसी अंधी दौड़ में कई लड़कियां शामिल हो जाती हैं। लेकिन अगर इस आधुनिकता की दौड़ में जल्दी ब्रेक नहीं लगाया गया, तो हर (Teen Girl) का जीवन बर्बाद हो सकता है।
आधुनिकता का मतलब सिर्फ महंगे फोन रखना, ब्रांडेड कपड़े पहनना, शान-शौकत दिखाना, पैसे उड़ाना या दूसरों को नीचा दिखाना नहीं है।
असली आधुनिकता तो अपनी संस्कृति, विचारधारा, और मूल्यों का सम्मान करना है।
जैसे हाथी को नियंत्रित करने के लिए महावत अंकुश लगाता है, वैसे ही हर लड़की को अपनी सोच पर खुद नियंत्रण रखना चाहिए।
अगर गाड़ी को सही समय पर ब्रेक नहीं लगाया गया, तो दुर्घटना निश्चित है। इसी तरह, अपनी जवानी का ब्रेक अपने हाथ में रखो और उसे गलत दिशा में जाने से बचाओ।
बिल्कुल नहीं।
अच्छे कपड़े पहनना, अच्छा दिखना हर लड़की का जन्मसिद्ध अधिकार है।
गलत यह है कि हम अपनी पहचान भूलकर सिर्फ दूसरों की नकल करने लगें।
हर लड़की को शिक्षा का अधिकार है, और कई लड़कियां अपने सपनों को पूरा करने के लिए गांव-शहर से बड़े शहरों में आती हैं।
परंतु, इस आधुनिक समाज की चकाचौंध में कई लड़कियां अपने असली उद्देश्य को भूलने लगती हैं।
वे सोचने लगती हैं कि
यही सोच उन्हें आधुनिकता की दौड़ में भटका देती है और उनके जीवन का असली लक्ष्य, शिक्षा, दूर होता जाता है।
हमें अपनी विचारधारा बदलनी होगी और झूठे आधुनिकता के जाल से बाहर निकलना होगा।
अगर आपको लगता है कि यह दुनिया आपको नीचा दिखा रही है, तो इस भ्रम को अपने मन और दिमाग से निकाल दीजिए।
आप जैसे हैं, वैसे ही रहिए।
सच्ची आधुनिकता अपने मूल्यों को बनाए रखना है, न कि दिखावे में फंस जाना।
खोखली, झूठी आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी असली खुशियों के साथ समझौता कर लेते हैं।
हमें जो अच्छा नहीं लगता, उसे भी हम सिर्फ ट्रेंड के पीछे भागने के लिए अपनाने लगते हैं।
अगर आपको ज्यादा मॉडर्न बनने के लिए खुद को बदलने की ज़रूरत महसूस हो रही है, और यह आपको खुशी नहीं दे रहा, तो रुक जाइए।
ऐसी आधुनिकता से दूर रहिए जो आपकी खुशियां छीन ले।
अपने जीवन को सच्चे आनंद और आत्म-सम्मान के साथ जीने का प्रयास कीजिए।
इसी में सच्ची आधुनिकता है।
"खुद को अपनी नजरों से देखो, न कि इस दुनिया की नजरों से।"
अपनी योग्यता और काबिलियत को पहचानो।
झूठी आधुनिकता की दौड़ में अपना समय और जिंदगी बर्बाद मत करो।
अब खुद से सवाल करो—क्या मैं सही मायनों में मॉडर्न हूं?