A happy couple sharing a moment, smiling and gazing into each other's eyes with love and joy.

Mother’s Day : मातृत्व केवल जन्म नहीं, ममता का एहसास है

Mother’s Day : मातृत्व केवल जन्म नहीं, ममता का एहसास है

अगर आपके हृदय में ममता है, आपके दिल में ममत्व और अपनापन है, तो यदि आपने बच्चे को जन्म नहीं भी दिया, तब भी आप मां हैं, आप मां कहलाएंगी।

आज की आधुनिकता में भागती-दौड़ती जिंदगी में परिस्थितियां कुछ ऐसी बनती जा रही हैं कि महिलाएं अपने ऊपर बहुत अधिक workload लेकर चल रही हैं — family, job और responsibilities।

साथ ही girls का education और career के लिए घर से बाहर survive करना भी आसान नहीं है।

जिसके कारण कई प्रकार के health issues बढ़ते जा रहे हैं :

• PCOD

• Thyroid

• Hormonal Imbalance

• Anemia

• Depression

• Vitamin B12 Deficiency

• Periods Problems

इन सभी समस्याओं के कारण pregnancy conceive कर पाना कई महिलाओं के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।

यह आधुनिकता की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बनती जा रही है, जहां मां बनने में कठिनाइयां आ रही हैं।

लेकिन इसका सही meaning समझना बहुत जरूरी है।

यदि कोई महिला इतने सारे health issues, family issues, society और समाज के तानों से ऊपर उठकर सोचती है —

• उसका प्रेम और मातृत्व उसे और भी मजबूत बना देता है।

• मां बनने का अर्थ केवल जन्म देना नहीं, बल्कि किसी जीवन को प्रेम, सुरक्षा और संस्कार देना भी है।

• अगर आपके हृदय में ममता है, आपके दिल में अपनापन है, तो आपका मातृत्व किसी पहचान का मोहताज नहीं है।

बच्चे को केवल जन्म देने से ही कोई माता नहीं बनती।

बच्चे की परवरिश करना, उसका भरण-पोषण और पालन-पोषण करना, उसमें सही संस्कार डालना, उसे एक आदर्श जीवन की प्रेरणा देना और मानवता का सच्चा पाठ पढ़ाना — यही मातृत्व का सबसे सुंदर स्वरूप है।

Life Darshan कहता है, जिंदगी में सभी के साथ कुछ न कुछ समस्याएं आती रहती हैं।

किसी भी महिला को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि उसे मातृत्व सुख नहीं मिला, वह मां नहीं बन सकती।

अगर आपके हृदय में ममता है, आपके दिल में अपनापन है, तो आप मां हैं और आप मां कहलाएंगी।

अपने आसपास किसी ऐसे बच्चे को देखिए जिसे मां की जरूरत है, जिसे प्रेम की जरूरत है, जिसे सहयोग की जरूरत है, जिसे खुशियों की जरूरत है।

उसका हाथ थाम लीजिए, यहीं से आपकी सच्ची मातृत्व यात्रा शुरू हो जाएगी।

मां की व्याख्या शब्दों में कर पाना तो देवताओं के भी बस में नहीं है।

मां के प्रेम के लिए तो ईश्वर भी धरती पर जन्म लेने को तरसते हैं।

मां त्याग, समर्पण, ममता और निस्वार्थ प्रेम की सबसे सुंदर मूरत है।

मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन को प्रेम और संस्कारों से सजाने वाली सबसे पवित्र शक्ति है।

जिसके आंचल में अपनापन हो, जिसके हृदय में ममता हो और जिसके शब्दों में स्नेह हो — वहीं सच्चे मातृत्व का सबसे सुंदर रूप होता है।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण दुनिया की सबसे बड़ी प्रेरणा — मां यशोदा हैं।

कान्हा को जन्म देवकी मां ने दिया था, लेकिन कान्हा की सच्ची मां तो यशोदा मैया ही कहलाती हैं।

उनका स्थान जन्म देने वाली मां से भी कहीं अधिक ऊंचा माना जाता है।

अगर आपके हृदय में ममता है, आपके दिल में अपनापन है, तो आप भी किसी कान्हा की यशोदा मैया जरूर बन सकती हैं।