A happy couple sharing a moment, smiling and gazing into each other's eyes with love and joy.

Encouragement पर नहीं, Courage पर विश्वास कीजिए

 

जीवन बदलने के लिए हमेशा किसी के प्रोत्साहन की नहीं, अपने साहस की आवश्यकता होती है

हम अक्सर encouragement को महत्व देते हैं और अपने असली courage को भूल जाते हैं।

बहुत से लोग यह सोचकर रुक जाते हैं कि कोई उनका साथ देगा, उनकी प्रशंसा करेगा या उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। लेकिन जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन तब शुरू होता है, जब व्यक्ति स्वयं अपने भीतर साहस जगाता है।

Courage यानी साहस एक ऐसा weapon है, जिसके बल पर हम जीवन की तकलीफों, दर्द, depression और घुटन भरे रिश्तों से बाहर आ सकते हैं तथा career और business में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

छोटी-सी कहानी से जानिए साहस का चमत्कार

संजना एक साहसी लड़की थी। उसकी हिम्मत और साहस के क्या कहने। बहुत सारे अपशब्दों को मुस्कुराकर झेलती और हर परिस्थिति में अपने सपनों और लक्ष्य की ओर बढ़ती जाती। वह कभी हार नहीं मानती थी। यही उसके साहस की पहचान थी।

उसका जीवन और पारिवारिक वातावरण ऐसा था कि encouragement तो दूर की बात थी। उसे हर बात पर dominate करना, नीचा दिखाना और अपमानित करना जैसे एक सामान्य बात बन चुकी थी।

संजना private job के साथ-साथ State PSC exam की तैयारी कर रही थी। तीन बार वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद परिवार वालों ने तो मानो उसके ऊपर पहाड़ ही तोड़ दिया। बात-बात पर ताने मिलते, "पास तो नहीं हो पाई", "कोई ढंग की नौकरी भी नहीं करती।"

इतनी साहसी और responsible लड़की बहुत कुछ सह रही थी। लेकिन उसने प्रयास करना नहीं छोड़ा। वह डटी रही, अड़ी रही और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रही।

आखिरकार अगले ही attempt में संजना परीक्षा में सफल हो गई और Deputy Collector बन गई।

सफलता के पीछे का वास्तविक कारण

इतनी बड़ी सफलता के पीछे क्या कारण हो सकता है?

परिस्थितियाँ विपरीत थीं। परिवार का साथ नहीं था। साथ तो दूर की बात, बात-बात पर निराश और हताश कर देना, मन को तोड़ देना, पैसों का अभाव और जीवन के अनेक संघर्ष उसके सामने थे। फिर भी संजना ने इन सबको हराकर विजय का शंखनाद कर दिया।

क्योंकि संजना ने दूसरों के encouragement का इंतजार नहीं किया। उसने स्वयं को courage किया और अपनी हर परिस्थिति का पूरे साहस के साथ मुकाबला किया।

साहस के ही दम पर संजना ने अपने सपनों को पूरा किया।

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

जीवन में हर व्यक्ति को encouragement मिले, यह आवश्यक नहीं है। कई लोगों को परिवार, मित्रों या समाज से प्रोत्साहन नहीं मिलता। फिर भी वे अपने साहस, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के बल पर सफलता प्राप्त कर लेते हैं।

यदि आप हमेशा किसी के प्रोत्साहन का इंतजार करेंगे, तो आपकी शुरुआत ही देर से होगी। लेकिन यदि आप अपने भीतर साहस विकसित कर लेंगे, तो परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, आपका मार्ग अवश्य बनेगा।

Life Darshan कहता है...

साहस वह शक्ति है, जो तब भी आपका साथ देती है, जब पूरी दुनिया आपके विरुद्ध खड़ी दिखाई देती है।

यदि कोई आपका उत्साह नहीं बढ़ा रहा, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपके सपने छोटे हैं। इसका अर्थ केवल इतना है कि अब समय है स्वयं अपने सबसे बड़े प्रेरक बनने का।

दूसरों के शब्द कुछ समय के लिए प्रेरित कर सकते हैं, लेकिन आपका साहस आपको जीवनभर आगे बढ़ा सकता है।

याद रखिए, परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि उनका सामना करने का साहस आपके भविष्य का निर्माण करता है।

स्वयं के लिए एक छोटा-सा अभ्यास

आज 10 मिनट निकालिए और इन प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

  1. क्या मैं अपनी शुरुआत किसी के encouragement का इंतजार करके टाल रहा/रही हूँ?

  2. मेरे जीवन की ऐसी कौन-सी परिस्थिति है, जिसका सामना मुझे साहस के साथ करना चाहिए?

  3. आज मैं कौन-सा एक छोटा निर्णय ले सकता/सकती हूँ, जो मुझे अपने लक्ष्य के एक कदम और करीब ले जाए?

  4. मेरे जीवन की अब तक की सबसे साहसिक घटना कौन-सी रही है?

  5. मैं आज से स्वयं का सबसे बड़ा supporter कैसे बनूँगा/बनूँगी?

आज का संकल्प

"मैं अपने जीवन को दूसरों के encouragement पर नहीं, बल्कि अपने courage, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास पर आगे बढ़ाऊँगा/बढ़ाऊँगी। मेरा साहस ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है और यही मुझे मेरे लक्ष्य तक पहुँचाएगा।"